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अग्रणी घड़ियाँ

1953

1950 के दशक के आरंभ में, रोलेक्स ने टूल के रूप में काम आने वाली पेशेवर घड़ियाँ विकसित कीं जिनका कार्य सरलता से समय बताने से कहीं परे थे। ये घड़ियाँ गहरे समुद्र में गोताखोरी, उडड्यन, पर्वतारोहण और वैज्ञानिक खोज जैसी पेशेवर गतिविधियों के लिए अभिप्रेत थीं। घड़ियाँ दीर्घकालीन उत्साह उत्पन्न करती थी और कामयाब लोगों की घड़ियों के रूप में प्रसिद्ध हो गईं।

रोलेक्स की अग्रणी घड़ियाँ

एवरेस्ट

1953

1953 में, सर जॉन हंट का अभियान, जिसमें माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने वाले सर एडमंड हिलेरी और तेनज़िंग नोर्गे ऑयस्टर परपेचुअल से सुसज्जित थे।

एक्सप्लोरर

1953

मानवीय साहस के इस आकर्षक अध्याय से प्राप्त ज्ञान से प्रेरित हो कर, एवरेस्ट पर विजय की चढ़ाई का जश्न मनाने के लिए 1953 में लॉन्च की गई ऑयस्टर परपेचुअल एक्सप्लोरर ने तुरंत ही प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त कर लिया था।

प्रतिष्ठित रोलेक्स ऑयस्टर एक्सप्लोरर

सबमरीनर

1953

1953 में लॉन्च की गई, सबमरीनर 100 मीटर (330 फुट) की गहराई तक वाटरप्रूफ़, गोताखोरों की पहली घड़ी थी। इसके घूमने योग्य बेज़ल से गोताखोर अपने जलमग्न समय को पढ़ सकते हैं।

गोताखोरों की पहली रोलेक्स सबमरीनर घड़ी

धरती पर या समुद्र में
उत्तम साथी

हम ने समुद्र के 660 फुट नीचे सही रूप से काम करने के लिए सबमरीनर का आविष्कार किया । ऐसा लगता है कि यह हर स्तर पर बढ़िया काम करती है।

रोलेक्स सबमरीनर एलिगेंस

पहली अंतरमहाद्वीपीय उड़ान

1953

1950 के दशक में अंतरमहाद्वीपीय यात्रा विकसित होते ही, एयरलाइन कंपनियों ने एक के बाद एक भिन्न टाइम क्षेत्रों के पार तेजी से उड़ान भरना शुरू कर दिया। पहली बार दुनिया में विभिन्न स्थानों के समय को एक साथ जानना महत्वपूर्ण हो गया था। वह जेट के दौर का सवेरा था, और रोलेक्स ने समय की मांग को पूरा करते हुए एक घड़ी से जवाब दिया।

विभिन्न टाइम ज़ोन को प्रदर्शित करती रोलेक्स

GMT-मास्टर

1955

GMT-मास्टर का विकास एयरलाइन पायलटों की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया था। यह अनेक एयरलाइनों की आधिकारिक घड़ी बन गई, उनमें से पैन ऐम के नाम से ज्यादा जाने जानी वाली प्रसिद्ध पैन अमेरिकन वर्ल्ड एयरवेज भी थी। इसका सबसे विशिष्ट विज़ुअल फ़ीचर दो-टोन वाला बेज़ल था जो दिन के समय के घंटों को रात के समय के घंटों से अलग दिखाता था।

रोलेक्स GMT-मास्टर पायलट की आधिकारिक घड़ी

डे-डेट

1956

1956 में, ऑयस्टर परपेचुअल डे-डेट की शुरुआत हुई। केवल 18 कैरट गोल्ड या प्लेटिनम में उपलब्ध होने वाली यह डायल पर एक विंडो में तारीख और सप्ताह का दिन पूरा दिखाने वाली पहली कलाई घड़ी थी। मूल रूप से इसी के लिए तैयार किए गए प्रेसिडेंट ब्रेसलेट के साथ, डे-डेट प्रभावशाली लोगों की अति उत्कृष्ट घड़ी बनी हुई है।

प्रभावशाली लोगों के लिए रोलेक्स डे-डेट

नेतृत्व

1956

रोलेक्स घड़ियाँ लंबे समय से उन लोगों के साथ संबंधित रही हैं जिन्होंने समय समय पर दुनिया के भाग्य को निर्देशित किया है। उनके ख्याल, उत्कृष्ठता के क्षेत्र या उनकी उपलब्धियाँ कुछ भी हों ,इन असाधारण पुरुषों और महिलाओं में जो चीज़ सामान्य है वह अक्सर उनकी घड़ी है: डे-डेट।

असाधारण पुरुषों और महिलाओं के लिए रोलेक्स डे-डेट

CERN

1956

विश्व की सर्वप्रमुख कण भौतिकी प्रयोगशाला, यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन (CERN), ब्रह्मांड के मौलिक रहस्यों में वैज्ञानिक अनुसंधान की अग्रिम पंक्ति में है। इसमें दुनिया का सर्वाधिक-ऊर्जा वाला पार्टिकल एक्सेलरेटर है। 1950 के दशक में, CERN यह पुष्टि करने वाले पहले वैज्ञानिक संस्थानों में से भी एक था कि मिलगॉस घड़ी 1,000 गॉस तक के चुंबकीय क्षेत्र का प्रतिरोध कर सकती थी।

CERN द्वारा जाँची रोलेक्स मिलगॉस

ऑयस्टर परपेचुअल मिलगॉस

1956

1956 में प्रस्तुत की गई मिलगॉस, वैज्ञानिक समुदाय की मांग को पूरा करने के लिए बनाई गई थी और 1,000 गॉस तक के चुंबकीय क्षेत्र को सहन करने में सक्षम है। मिलगॉस के चुंबकीय व्यवधान के लिए अतुल्य प्रतिरोध के केंद्र में बड़ा नवाचार मूवमेंट की सुरक्षा शील्ड है।

रोलेक्स द्वारा चयनित फेरोमैगनेटिक एलॉय से बनी, इस घड़ी में दो घटक हैं, एक मूवमेंट से जुड़ा हुआ और दूसरा ऑयस्टर केस से। CERN इंजीनियरों द्वारा कड़ी जाँच के बाद, इसने एक संपूर्ण चुंबकीय शील्ड के रूप में ख्याति अर्जित की।

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रोलेक्स मिलगॉस चुंबकीय प्रतिरोध

लेडी-डेटजस्ट

1957

लेडी-डेटजस्ट रोलेक्स डेट क्रोनोमीटर का महिलाओं के लिए पहला संस्करण थी, जो किसी महिला की कलाई के लिए पूरी तरह से उपयुक्त छोटे आकार में अपने शाश्वत सौंदर्य और कार्यात्मकता की विरासत को आगे बढ़ा रही थी।

रोलेक्स लेडी-डेटजस्ट शाश्वत लालित्य

डीप सी स्पेशल

1960

1950 के दशक में, रोलेक्स ने “डीप सी स्पेशल” नामक एक प्रयोगाधीन घड़ी का कड़ा परीक्षण किया। पहले दो मॉडल के निर्माण से प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हुए तीसरे मॉडल डीप सी स्पेशल को सर्वाधिक चरम स्थितियों - मारियाना ट्रेंच के चैलेंजर डीप भाग - को सहन करने के लिए तैयार किया गया।

सबसे गहरा गोता

1960

1960 में, प्रायोगिक बैथिस्केफ, त्रिएस्ते, पृत्वी की सतह पर ज्ञात सबसे अधिक गहराई वाली मारियाना ट्रेंच में सफलतापूर्वक उतरी थी। जैक्स पिकार्ड के साथ लेफ्टीनेंट डॉन वॉल्श के नेतृत्व में, त्रिएस्ते  ने एक ऐसा अतुल्य कार्य पूरा किया जिसने गहरे-सागर में खोज के स्तर को हमेशा के लिए ऊँचा उठा दिया।

10,916 मीटर (37,800 फुट) से बाहर आने पर, बैथिस्केफ पूरी तरह से कार्यशील थी – उतनी ही कार्यशील थी रोलेक्स डीप सी स्पेशल प्रायोगिक घड़ी जिसे ऐतिहासिक गोते के दौरान बाहर बाँध दिया गया था।

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रोलेक्स अन्तर्जलीय खोज

डेटोना बीच

1960

डेटोना बीच, फ्लोरिडा। सख्त-जमी हुई रेत के साथ, लंबे, सपाट और मजबूत, समुद्र तट ने डेटोना शहर को गति की विश्व राजधानी के रूप में एक दिग्गज बनने में मदद की। इसके पास 1904 से 1935 के बीच स्थापित किए गए 14 भूतल गति विश्व रिकॉर्ड हैं, उनमें से पाँच रोलेक्स-धारी सर मैल्कम कैम्पबेल के हैं। सालों बाद, रेत का स्तर गिरने लगा। 1959 तक, एक “सुपर स्पीडवे”: डेटोना इंटरनेशनल स्पीडवे बनाया गया।

मोटर रेसिंग के इस नए एम्फिथिएटर ने जल्दी ही उसे आकर्षित किया जो आगे चल कर द 24 आवर्स ऑफ़ ले मैंस  के साथ-साथ दुनिया में सबसे प्रसिद्ध एंड्यूरेंस कार रेसिंग बन गई। हालांकि अब सतह रेत की नहीं रही है लेकिन डेटोना में अभी भी मानव और मशीन का प्रसिद्ध परीक्षण होता है: रोलेक्स 24 ऐट डेटोना।

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डेटोना बीच पर रोलेक्स

कॉस्मोग्राफ़ डेटोना

1963

नई जेनरेशन के क्रोनोग्राफ़ के रूप में 1963 में लॉन्च की गई, कॉस्मोग्राफ़ ने जल्दी ही वह नाम अर्जित कर लिया जो एक आइकन बन गया: डेटोना। एंड्यूरेंस रेसिंग ड्राइवरों के लिए अंतिम उपकरण के रूप में डिज़ाइन की गई, कॉस्मोग्राफ़ डेटोना मजबूत, वॉटरप्रूफ़ और औसत गति की गणना के लिए बेज़ेल पर एक टैकीमीट्रिक स्केल से सज्जित थी।

रेसिंग ड्राइवरों के लिए रोलेक्स डेटोना

कॉमेक्स

1963

रोलेक्स और कंपनी मैरीटाइम डि'एक्सपर्टाइजेज (कॉमेक्स), जिसके गोताखोर अत्यंत गहराई पर काम करते समय रोलेक्स सी-ड्वेलर घड़ियाँ पहनते थे, के बीच एक वरीय रिश्ता स्थापित हो गया था। हेनरी-जर्मेन डिलॉज़ की अध्यक्षता में कंपनी ने गहरे-समुद्र में गोताखोरी में एक अग्रणी भूमिका निभाई और हाइपरबेरिक इंजीनियरिंग तथा अंडरवाटर कार्य में एक विश्व-प्रसिद्ध विशेषज्ञ बनी हुई है।

रोलेक्स और कॉमेक्स के बीच रिश्ता हमेशा की तरह आज भी मजबूत है, जैसा कि रोलेक्स डीपसी घड़ियों का परीक्षण करने के लिए मारसील कंपनी द्वारा विशेष रूप से विकसित हाइपरबेरिक टैंक से प्रदर्शित होता है।

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रोलेक्स और कॉमेक्स

सी-ड्वेलर

1967

1967 में ऑयस्टर परपेचुअल सी-ड्वेलर लॉन्च की गई जो 610 मीटर की गहराई तक वॉटरप्रूफ़ थी। पेशेवर गहरे-समुद्र के गोताखोरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए, केस को एक हीलियम एस्केप वॉल्व से सुसज्जित किया गया ताकि हाइपरबेरिक चैंबर में लंबे डिकंप्रेशन चरण के दौरान प्रयुक्त गैसों के मिश्रण से हीलियम को घड़ी को क्षति पहुँचाए बिना बाहर निकाला जा सके।

गहरे-समुद्र के गोताखोरों के लिए रोलेक्स सी-ड्वेलर

कहानी जारी है...

1971-1992