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गैरी प्लेयर

प्रत्येक रोलेक्स एक कहानी बयां करती है

ग्रैंड स्लैम विजेता, गैरी प्लेयर – जिन्होंने रेगुलर टूर में 9 मेजर और सीनियर टूर में 9 मेजर जीते हैं – इस खेल के इतिहास में सफलतम गोल्फ़ खिलाड़ियों में से एक हैं। साथ ही साथ विश्व के सबसे अधिक यात्राएं कर चुके एथलीट®, प्लेयर ने छह दशकों के दौरान छह महाद्वीपों में 165 टूर्नामेंट जीते हैं और उन्हें 1974 में वर्ल्ड गोल्फ़ हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किया गया था। आर्नल्ड पामर और जैक निकलॉस के साथ वे अपने समय के ''द बिग थ्री'' गोल्फ़रों के रूप में मशहूर हो गए – 1950 के दशक के उत्तरार्द्ध से 1970 के दशक के उत्तरार्द्ध तक। अपने पिता द्वारा गोल्फ़ खेलने के लिए प्रोत्साहित किए जाने के बाद वे 17 वर्ष की उम्र में पेशेवर बन गए थे। पिता ने उनसे कहा था कि वे एक दिन रोलेक्स के मालिक बन सकते हैं। आज, उनकी रोलेक्स उनके रास्ते में आई कठिनाइयों, उनके द्वारा तय की गई दूरी और उनके पिता की याद दिलाती है।

Every Rolex Tells a Story — Gary Player

“मैंने निश्चय कर लिया था कि कड़ी मेहनत ही इसका जवाब था। और इसमें कोई सवाल नहीं है क्योंकि मैं बहुत कड़ी मेहनत करता था, खेलते समय मैं कभी हार नहीं मानता था। ”

मैं दक्षिण अफ्रीका में बड़ा हुआ। जब मैं नौ साल का था तो मेरी मां का देहांत हो गया और मेरे पिता सोने की खदान में काम करते थे। वे धरती के 8000 फीट नीचे जाते थे और महीने में 100 पाउंड कमाते थे। मेरा भाई 17 वर्ष की उम्र में युद्ध में था और मेरी बहन बोर्डिंग स्कूल में थी। और मेरे पिता ने मुझसे कहा, ''गोल्फ़ खेलो क्योंकि यह ऐसा खेल है जिसे तुम हमेशा खेलते रह सकते हो, और अगर तुम अच्छे होंगे तो तुम्हें दुनिया घूमने का मौका मिलेगा।"

मैं चैंपियन बन गया क्योंकि मुझे तकलीफ़ सहना आता था। मैं अंधेरे घर में वापस लौटता था। वहाँ कोई नहीं होता था। नौ साल की उम्र में, मुझे अपने कपड़े खुद इस्तरी करने होते थे, अपना खाना खुद पकाना होता था। मैं रात को बिस्तर में लेटा हुआ रोता था क्योंकि मैं बिल्कुल अकेला था और उस उम्र में अंधेरे से डरता था। हालांकि हर मामले में ऐसा नहीं होता, लेकिन में मानता हूं कि आप जितनी कठिनाइयों से होकर गुज़रते हैं, जीवन में आप उतना ही बेहतर कर सकते हैं। मुझे अपने पर दया नहीं आई; मैंने चुनौती स्वीकार कर ली। मैंने अपने पिता से कहा: ''डैड, मैं पेशेवर बनने जा रहा हूं।'' उस समय मैं 17 का था।

 

गैरी प्लेयर की रोलेक्स घड़ी

मैंने निश्चय कर लिया था कि कड़ी मेहनत ही इसका जवाब था। मेरे लिए पहले से कोई उत्तराधिकार नहीं था और मैं सोचता हूं कि अगर आप अपने बच्चों को उत्तराधिकार देते हैं, तो वास्तव में आप उनका नुक्सान करते हैं। आपको उन्हें समझने देना चाहिए कि जीवन आसान नहीं होता। और इसमें कोई सवाल नहीं है क्योंकि मैं बहुत कड़ी मेहनत करता था, खेलते समय मैं कभी हार नहीं मानता था। जब आप कड़ा अभ्यास करते हैं, तो आप में जीतने की प्यास जाग जाती है, आप में धैर्य आ जाता है, मज़बूती आती है, आपकी बांहें और आपका शरीर मज़बूत हो जाते हैं। हर जगह लोग मुझसे कहते थे, ''तुम बहुत कठोर अभ्यास कर रहे हो, तुम बहुत ज़्यादा गेंदों को हिट कर रहे हो, तुम अपने शरीर को तोड़ डालोगे।'' और मैं कहता था, ''बात उल्टी है, मैं जितनी ज़्यादा गेंदों पर शॉट मारूंगा, मैं उतना ही मज़बूत बनूंगा।'' अगर मैंने विलासिता का जीवन बिताया होता, तो मैं कभी विश्व चैंपियन नहीं बन पाता।

जब मेरे पिता जो, जैसा मैंने बताया, बहुत गरीब आदमी थे, ने मुझे इतनी कड़ी मेहनत करते और थोड़ी कामयाबी पाते हुए देखा, तो उन्होंने कहा, ''तुम ऐसे ही कड़ी मेहनत करते रहो और हो सकता है कि एक दिन तुम अपने लिए एक रोलेक्स खरीद सको।'' वह बस ऐसे ही मज़ाक कर रहे थे क्योंकि उन दिनों में रोलेक्स का बड़ा नाम था। और मैंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद वाकई अपनी पहली रोलेक्स खरीदी। अपने करियर में 60 वर्ष पीछे जाकर हर बात ठीक-ठीक याद करना मुश्किल है लेकिन मुझे यह कहना याद है, ''डैड, मैंने रोलेक्स घड़ी ले ली है।''

“जब मेरे पिता जो, जैसा मैंने बताया, बहुत गरीब आदमी थे, ने मुझे इतनी कड़ी मेहनत करते और थोड़ी कामयाबी पाते हुए देखा, तो उन्होंने कहा, “तुम ऐसे ही कड़ी मेहनत करते रहो और हो सकता है कि एक दिन तुम अपने लिए एक रोलेक्स खरीद सको। ”

मैं आपको बताता हूं कि अपनी पहली रोलेक्स खरीदने के बाद मुझे कैसा महसूस हुआ। जब आपको जीवन में कोई उत्तराधिकार नहीं मिला हुआ है और आपको कोई उपहार मिलता है या आप कोई कीमती चीज़ खरीदते हैं, तो एक खास भावना आती है जिसे कृतज्ञता कहते हैं। और मैं समझता हूं कि कृतज्ञता बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि लोग भूल जाते हैं कि दूसरे लोगों के मुकाबले वे कैसे रह रहे हैं। दुनिया भर में यात्राएं करने से मैंने ये बात सीखी है – यह मेरे भीतर समा गई है, में कितना भाग्यशाली हूं।

आज जो घड़ी मैं पहने हुए हूं, उसे मैंने कई साल पहले लिया था। यह गोल्ड की है और मुझे मेरी पहली रोलेक्स की और इस बात की याद दिलाती है कि मेरे पिता सोने की खदान में काम करते थे। मैं समझता हूं कि घड़ी आपके पास एक भावनात्मक चीज़ के रूप में रहती है, जो इस पर निर्भर करता है कि यह आपके पास कैसे आई और यह आपसे कैसे जुड़ी हुई है। और मेरे मामले में, यह महज़ एक घड़ी से बढ़कर है, यह एक कहानी है।

“मैं समझता हूं कि घड़ी आपके पास एक भावनात्मक चीज़ के रूप में रहती है, जो इस पर निर्भर करता है कि यह आपके पास कैसे आई और यह आपसे कैसे जुड़ी हुई है। और मेरे मामले में, यह महज़ एक घड़ी से बढ़कर है, यह एक कहानी है। ”

मैं अब भी अपने पिता को रोलेक्स से जोड़कर सोचता हूँ। मैं अपने पिता से बहुत प्यार करता था और उन्होंने मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह छह फीट दो इंच लंबे और बेहद मज़बूत थे लेकिन जब भी मैं टूर्नामेंट जीतता था, तो वह मुझे बांहों में भर लेते थे और रोते थे। और यह मेरे अंदर भी है; मैं नन्हे बच्चे की तरह भावुक हो जाता हूँ। कभी-कभी मैं घड़ी पर क्लिक करता हूं और कहता हूं, ''डैड, मैंने लंबा सफ़र तय कर लिया है।''