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लारा गट-बेरामी

प्रत्येक रोलेक्स एक कहानी बयां करती है

स्विस एल्पाईन स्की चैम्पियन लारा गट-बेरामी, 16 वर्ष की उम्र में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय एल्पाईन स्कीइंग परिदृश्य पर आईं, और तब से आगे बढ़ते हुए वे इस खेल की शीर्ष प्रतिभाओं में से एक बन गई हैं। 2008 में, वो विश्व कप सुपर-G रेस जीतने वाली सबसे युवा स्कीयर बनीं। अपने पहले ओवरऑल विश्व कप खिताब और दो क्रिस्टल ग्लोब्स के साथ, 2015-2016 का सत्र उनके करियर का स्वर्णिम भाग रहा। पिछली चोट और अत्यधिक दबाव से उबरने के बाद, गट ने अगला सत्र सोल्डन में एक बड़ी स्लैलम (एक प्रकार की स्की रेस) जीत दर्ज करते हुए शुरू किया। उनकी रोलेक्स घड़ी उस जीत की याद दिलाती है, और मुख्यतः जो बहुमूल्य सबक उस दिन उन्होंने सीखा उसकी भी याद दिलाती है।

Every Rolex Tells a Story — Lara Gut-Behrami

“एक चैम्पियन होने का अर्थ है कि एक ऐसा व्यक्ति होना, जो लोगों को, बेहतर बनने और खुद को चुनौती देने का तरीका सिखा सके।”

बसंत में, मेरे पहले जन्मदिन पर मेरी आंटी ने मुझे एक स्की का जोड़ा दिया। जाहिर है, मैं पूरी गर्मियों में बगीचे में अपने पैरों पर स्की के साथ चली, और जब सर्दी आई, तो मैं स्कीइंग के लिए तैयार थी। मुझे हमेशा से स्कीइंग से प्यार था। मेरे लिए, यह बस स्वाभाविक था। और किसी तरह से मैं विश्व कप में रेस कर रही थी, और मुझे एहसास नहीं हुआ कि ये कैसे हुआ, लेकिन ये बहुत मज़ेदार था।


एक स्कीयर होने और एक पेशेवर स्कीयर होने में स्पष्ट अंतर है। जब आप बच्चे होते हो, तो आप बस स्कीइंग करने जाते हो। जब आप विश्व कप या किसी पेशेवर स्तर पर आते हो, किसी तरह से स्कीइंग बहुत सारी अन्य चीजों से भी संबंधित हो जाती है। मेरे करियर की शुरुआत में, यही मेरी सबसे बड़ी समस्या थी, क्योंकि ये अन्य चीज़ें बहुत सारी थी। सब नज़रें मुझ पर होती थी। जब मैंने विश्व कप में शुरुआत की, तो मैं 16 वर्ष की थी, और मुझे पता नहीं था कि यह सब कैसे संभालना है। जब मैं 15 की थी, मैं बस स्कीइंग कर रही थी। एक साल बाद, पूरी दुनिया की मेरे बारे में एक राय थी।


एक चैम्पियन होने का अर्थ है कि, एक ऐसा व्यक्ति होना, जो लोगों को, बेहतर बनने और खुद को चुनौती देने का तरीका सिखा सके। मेरे माता-पिता बहुत मजबूत थे और उन्होंने मुझे यह बता कर मदद की कि, “जो तुम चाहती हो वो करो, जो तुम चाहती हो उसे जानो और उसके लिए लड़ो।” मेरे ख़याल से सबसे अहम बात सभी चीजों का अच्छा संयोजन होना है: लड़ना, प्रशिक्षण लेना, आराम करना, अपने आप में विश्वास करना, महान लोगों के बीच रहना, क्योंकि अकेले आप कुछ नहीं कर पाएंगे। यह संयोजन ही अंतर लाता है।

लारा गट-बेरामी की रोलेक्स घड़ी

2016 में, पहली बार मैंने विश्व कप में ओवरऑल खिताब जीता। मैं 20 साल बाद ग्लोब को, स्विट्ज़रलैंड वापिस लाने में सफल रही। यह बहुत ही भावुक पल था, क्योंकि मुझे ऐसा एहसास हुआ कि जितने भी लोग मेरे साथ काम कर रहे हैं, वो ही मुझे यहाँ तक ले कर आए हैं।


उस सत्र के बाद सोल्डन में आना बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि रेस के एक सप्ताह पहले मैं खुद को बहुत दबाव में रख रही थी। मैंने सोचा, “ठीक है, अब मेरे पास एक खिताब है, मुझे बेहतर होने की ज़रूरत है, मुझे क्या करना चाहिए?” उस रेस के एक दिन पहले एक अन्य रेसर ने मुझसे कहा, “बस स्की करो।” मुझे यह एहसास हुआ कि हमारा मन कितना मजबूत है, क्योंकि आप कुछ भी जीत सकते हैं क्योंकि आपका मन कहता है कि आप कर सकते हैं, लेकिन आप सब कुछ गंवा भी सकते है क्योंकि आप खुद को खतरे में डाल देते हैं। आपका मस्तिष्क आपका सबसे बुरा शत्रु है, या आपका मस्तिष्क आपका सबसे अच्छा मित्र है। सोल्डन मेरे लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन मैं उस चुनौती का सामना करने के लिए कृतज्ञ हूँ, क्योंकि मैंने उससे बहुत कुछ सीखा। सोल्डन के बाद सब कुछ बहुत आसान था।

“मुझे यह एहसास हुआ कि हमारा मन कितना मजबूत है, क्योंकि आप कुछ भी जीत सकते हैं क्योंकि आपका मन कहता है कि आप कर सकते हैं, लेकिन आप सब कुछ गंवा भी सकते है क्योंकि आप खुद को खतरे में डाल देते हैं। ”

मेरी घड़ी पर खुदा हुआ है 22 अक्टूबर 2016। यह मेरे सोल्डन में जीतने की तारीख है। मैंने कई सालों पहले इस घड़ी को देखा और सोचा, “ यह घड़ी एक खास पल के लिए होगी।” मुझे सोल्डन में ऐसा महसूस हुआ जैसे, वो घड़ी महीनों, बरसों से मेरी प्रतीक्षा कर रही थी। लेकिन इसे सही क्षण में होना था। मुझे उस रेस और उस दिन मिले सबक को याद दिलाने का, यह एकदम सही क्षण था।


केवल जीत ही आप में परिवर्तन नहीं लाती, बल्कि जीवन में महत्वपूर्ण पड़ाव होने भी ज़रूरी हैं। मेरे पिता ने मुझे सिखाया, “परिणाम से नहीं बल्कि वह चीज़ प्रक्रिया है जिससे फर्क पड़ता है।” यह घड़ी, यह एक प्रक्रिया है। यह मुझे याद दिलाती है कि कैसे शुरुआती गेट में, मैं एक अलग व्यक्ति थी और अंतिम गेट में एक अलग व्यक्ति क्योंकि मैंने कुछ सीखा, और उन सबक़ों से आप अपना जीवन बदल सकते हैं, आप बेहतर बन सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। इसलिए यह घड़ी मुझे बस जीत की ही याद नहीं दिलाती। यह मुझे सोल्डन के इर्द-गिर्द की सारी कहानी और भावनाओं की याद दिलाती है। एक जीत बस एक दिन की होती है और उसके बाद वो समाप्त हो जाती है। एक सीख... वो आपकी पूरे जीवन भर मदद कर सकती है।

“यह घड़ी मुझे बस जीत की ही याद नहीं दिलाती। यह मुझे सोल्डन के इर्द-गिर्द की सारी कहानी और भावनाओं की याद दिलाती है। ”