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मार्क वेबर

प्रत्येक रोलेक्स एक कहानी बयां करती है

रेसिंग ड्राईवर मार्क वेबर का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ और वे 1995 में अपने सपनों को पूरा करने यू के में आ कर बस गए, आखिरकार, उनके फॉर्मूला 1® की शुरुआत 2002 में उनके करीबी मित्र और सलाहकार, सर्किट के महानायक, सर जैकी स्टीवर्ट की सतर्क निगरानी में हुई। उनकी प्रमुख सफलता 2009 में आई जब उन्होंने उस चैंपियनशिप वर्ष में आठ पोडियम प्राप्त करके जर्मन ग्रां प्री जीता। उस जीत ने, उन्हें इस खेल में दिए गए बलिदान और प्रयास के प्रतीक के रूप में, अपनी पहली रोलेक्स, एक GMT-मास्टर II पाने के लिए प्रेरित किया। अपनी पहली रोलेक्स हाथ में पहने हुए, उन्होंने 2014 में एनड्योरेंस रेसिंग की ओर कदम बढ़ाया।

Every Rolex Tells a Story — Mark Webber

“मैं सबसे श्रेष्ठ लोगों के साथ रेस करना चाहता था, मैं दुनिया के सबसे अच्छे ट्रैकों पर रेस करना चाहता था, सबसे अच्छी रणभूमियों पर, और सबसे प्रतिस्पर्धात्मक, शातिर, उच्च तीव्रता और सटीकता वाले मोटर रेसिंग खेल में, और वो था फॉर्मूला 1®। मेरे पास उस स्तर पर रेस करने का एक मौका था।”

मेरे पिता ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के एक छोटे से ग्रामीण क्षेत्र में एक मोटरबाइक डीलर थे। मैं मानता हूँ कि जब मैं बहुत छोटा था तभी से मेरी रगों में थोड़ा सा पेट्रोल दौड़ता है। मेरे पिता स्वयं भी सिडनी में, सर जैक ब्रैबहैम और सर जैकी स्टीवर्ट को देखने के लिए कई रेसों में मुफ्त में हिस्सा लेते थे। रेसिंग एक ऐसी चीज़ है जो मेरे परिवार में लंबे समय से रही है, और मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि मेरे पिताजी ने मेरा पूरा करियर देखा है।

 

मेरे लिए, एक रेसिंग कार को चलाने का अर्थ है एक आदमी और एक मशीन को उनकी सीमाओं तक, दृढ़ता तक, बहादुरी तक और वैसी अन्य चीजों तक धकेल देना। मैं सबसे श्रेष्ठ लोगों के साथ रेस करना चाहता था, मैं दुनिया के सबसे अच्छे ट्रैकों पर रेस करना चाहता था, सबसे अच्छी रणभूमियों पर, और सबसे प्रतिस्पर्धात्मक, शातिर, उच्च तीव्रता और सटीकता वाले मोटर रेसिंग खेल में, और वो था फॉर्मूला 1®। मेरे पास उस स्तर पर रेस करने का एक मौका था। और आपको क्या निरंतर प्रयासरत रखता है? वो अज्ञात है। आपको वापिस जाना होता है और कहना होता है, “ मुझे और अधिक चाहिए, मुझे अपने आप से और अधिक चाहिए, मुझे अपने आस पास के लोगों से और अधिक चाहिए, मैं परिणामों के लिए प्रयासरत रहना चाहता हूँ।”

2009 मेरे लिए एक बहुत बड़ा वर्ष था। उस सत्र की शुरुआत से पहले तक परिस्थितियाँ बिल्कुल भी आदर्श नहीं थी, क्योंकि मेरे साथ एक बहुत बुरी माउंटेन बाइक दुर्घटना हुई थी। मेरा पाँव, कंधे और रीढ़ की हड्डियाँ टूट गई थी, और तैयारी के मामले में, मैं एकदम पीछे था। लेकिन इसने मुझे प्रतिरोधक्षमता और दृढ़ता सिखाई, और उस स्तर पर अंततः फॉर्मूला 1® में जीतना सचमुच लाजवाब था। बिना किसी भाग्य अथवा संयोग के, दुनिया के सबसे अच्छे ड्राईवरों को, सच्चे और सीधे तरीके से हराना, विशेष था। 

“मेरे लिए, एक रेसिंग कार को चलाने का अर्थ है एक आदमी और एक मशीन को उनकी सीमाओं तक, दृढ़ता तक, बहादुरी तक और वैसी अन्य चीजों तक धकेल देना। ”

पहली जीत के बाद, मैंने अपनी रोलेक्स GMT-मास्टर II खरीदी। मैं काफी लंबे समय से अपने लिए एक निजी और विशेष भेंट खरीदने की तलाश में था, और उस जैसी जीत के बाद, आप एक ऐसी चीज़ चाहते हैं जो आपके श्रम और शायद जितना भी त्याग किया गया हो उसका प्रतीक हो। मैं एक ऐसा चीज़ चाहता था जो हमेशा के लिए रहे, एक ऐसी चीज़ जो पूरे जीवन भर मेरे साथ रहे और पीढ़ियों तक चलती रहे। रोलेक्स GMT-मास्टर II के साथ, मुझे पता था कि मुझे वो मिल सकता है।

मार्क वेबर की रोलेक्स घड़ी

यह खरीद अति विशेष थी, न केवल मेरे द्वारा तय किए गए सफर के लिए, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इस रोलेक्स का एक हिस्सा सर जैकी स्टीवर्ट के साथ मेरे संबंधों से जुड़ा हुआ है। मैं जैकी स्टीवर्ट से पहली बार तब मिला जब मैं फॉर्मूला 3 में रेस कर रहा था, और हमारा रिश्ता गहरा होता गया। वो मेरे पिता समान रहे हैं — अभी भी हैं। उन्होंने मुझे कॉकपिट के अंदर और बाहर, पिट वॉल के दोनों तरफ, बहुत ही अच्छी सलाह दी हैं; बीस साल या उसके बाद भी हम अच्छे दोस्त हैं।

“मैं एक ऐसा चीज़ चाहता था जो हमेशा के लिए रहे, एक ऐसी चीज़ जो पूरे जीवन भर मेरे साथ रहे और पीढ़ियों तक चलती रहे।रोलेक्स GMT- मास्टर II के साथ, मुझे पता था कि मुझे वो मिल  सकता है। ”

जब मेरे पिता 70 के हुए, तो मैं उन्हें अपनी तरफ से कुछ अति व्यक्तिगत चीज़ देना चाहता था, एक बेटे की ओर से एक पिता के लिए। रोलेक्स ने तभी नई डेटोना रिलीज़ की थी, और मैं एक ऐसी घड़ी चाहता था जो उनके लिए विशेष हो और जिसकी रेसिंग विरासत महान रही हो क्योंकि अगर मेरे पिता नहीं होते तो मैं कभी रेस कर ही नहीं पाता। यह एक ऐसे सफर का प्रतिबिंब है जिसे हमने साथ में तय किया। मैं ऑस्ट्रेलिया का एक देसी लड़का हूँ, इसलिए एक रोलेक्स पाने के बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था; यह एक ऐसी चीज़ थी जिसे एक हद तक आप दूसरों को पहने हुए देखते थे। इसलिए जब आपके पास कठिन परिश्रम करने और खुद को कोई ऐसी चीज़ देने का मौका हो जिसे आप हमेशा रख सकें, तो यह इसे और भी विशेष बना देता है।